जिन लोगो को बिटकॉइन के बाज़ार के बारे में नही पता है उन
लोगो को बता दें, की बिटकॉइन ये बाज़ार का
महज़
एक छोटा सा भाग है। ये जो पूरा बाज़ार है इसको बोलते है क्रिप्टोकरंसी मार्केट ।
अगर आपको शेयर
मार्केट के बारे में सामान्य ज्ञान है, तो उदाहरण लीजिए की टाटा स्टील के जैसे शेयर आते है और टाटा स्टील
जैसे शेयर
मार्केट का हिस्सा है न की पूरा शेयर मार्केट ही टाटा स्टील है, वैसे ही बिटकॉइन महज़ एक करंसी
है। इसके अलावा क्रिप्टो मार्केट के
अंदर काफी सारे इन्वेस्टमेंट ऑप्शन के तौर पर करंसी उपलब्ध है। इसमें
इथिरियम, लाइटकोइन, रिपल, ट्रोन,
स्टेलर वगेरह काफी प्रचलित है। अगर स्टेटिस्टिकल एनालिसिस
देखे, तो
हर करंसी का इनवेस्टमेन्ट अलग तरीके से करना चाहिए। कोई शॉर्ट टर्म के
लिए अच्छा है तो कोई लोंग टर्म
के लिए। बिटकॉइन एक Digital Currency है बिटकॉइन को व्यक्तियों के बीच एक पीयर-टू-पीयर
नेटवर्क
के माध्यम से स्थानांतरित किया जाता है, जिसमें कोई बिचौलिया बैंक नहीं होता है बिटकॉइन को एक
वास्तविक नवाचार माना जा रहा है जो लंबे समय तक बना रहेगा और पैसे को बदलने में मदद करेगा। इसे
(Digital Currency) डिजिटल करेंसी, वर्चुअल करेंसी, और (CryptoCurrency) क्रिप्टो करेंसी भी कहा
जाता है| बिटकॉइन 2009 में
आया। ये 2008 की वैश्विक
मन्दी के बाद ‘सतोशी नाकामोटो’ नाम के एक
अज्ञात व्यक्ति द्वारा भुगतान का एक तरीका था।
जिसमे थर्ड पार्टी
या बैंकों का कोई रोल न हो। क्योंकि
‘सतोशी’ को लगा था कि बैंक सार्वजनिक धन का सही प्रबन्धन नहीं करते हैं और उस धन के गैर जिम्मेदाराना
प्रबन्धन
से मन्दी आई थी। जब साल 2009 में बिटकॉइन (BitCoin) को लाँच किया गया था तब एक बिटकॉइन
(BitCoin ) का मूल्य 0.37 पैसे था वर्तमान में एक
बिटकॉइन ( BitCoin ) का मूल्य 2.5 लाख हे | इस में पेसे
जमा करने
की प्रकिया को माइनिंग (Mining) कहा जाता है | दुनिया के
किसी भी व्यक्ति,
संस्था
तथा देश को
अपनी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए और आपसी लेनदेन को बढ़ावा देने
के लिए एक मुद्रा की
जरूरत होती है ताकि उसका उपयोग वह सुचारू रूप से कर
सके। इसलिए, प्रत्येक देश
की अपनी
अलग-अलग मुद्रा होती है, जैसे-भारत में रुपया, अमेरिका में डॉलर आदि। दरअसल, यह भौतिक करेंसी होती
हैं जिसे आप देख सकते हैं, छू सकते हैं और नियमानुसार किसी भी
स्थान या देश में इसका इस्तेमाल कर
सकते हैं। लेकिन क्रिप्टो करेंसी इससे अलग होती है जो एक डिजिटल करेंसी है। इसे आप न तो देख सकते हैं,
न छू सकते हैं, क्योंकि भौतिक रूप में क्रिप्टो
करेंसी का मुद्रण
नहीं किया जाता। इसलिए इसे आभासी मुद्रा
कहा जाता है बिटकॉइन वर्चूअल
मुद्रा होने के साथ साथ ये ना तो किसी देश की मुद्रा हैं और ना किसी देश के
उत्पादनो पर किसी प्रकार से निर्भर है..इसीलिये इसकी क़ीमत पूर्णता बाज़ार
द्वारा निर्धारित होती हैं.. बाज़ार
किस क़ीमत पर ख़रीद या बेच रहा वो ही मूल्य होगा। और बिटकॉइन एक प्रकार की नयी तकनीक पर काम
करता हैं जिसको बलोककचैन
कहते हैं। ये एक प्रकार का सुरक्षित,विकेन्द्रीकृत,खाता बही हैं..और
काफ़ी
सुरक्षित माना जाता हैं..आम
भाषा में इसको चोरी करना मुश्किल हैं।
बिटकॉइन हस्तांतरण का पता
नहीं लगाया जा सकता है, बिटकॉइन का उपयोग
अक्सर ड्रग्स या चोरी के
सामान या अन्य प्रकार की आपराधिक गतिविधियों को
खरीदने के लिए किया जाता है।
यह दुनिया भर में आतंक के
वित्तपोषण के लिए एक प्रमुख स्रोत बन सकता है।
ऐसा माना जाता है कि
बिटकॉइन का 40% स्वामित्व सिर्फ 1000
लोगों के पास है और इसलिए, शक्तिशाली
लोग ’बिटकॉइन की कीमत को प्रभावित करने के लिए
एकजुट हो सकते हैं।
बिटकॉइन गुमनामी और
इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन दोनों की सुरक्षा प्रदान करता है। इसलिए, बिटकॉइन एक उप-
अर्थव्यवस्था बन सकता है जहां लोग अपनी आय छिपा सकते हैं और सरकारी करों से बच
सकते हैं।
नोट:- इसमें ध्यान रखें कि लोग स्कैम भी करते हैं। बिटकॉइन के नाम पर मूर्ख भी बनाया जाता है। इसलिए
RBI ने ये
‘ब्लैंकेट बैन’ लगाया हुआ है।
RBI या रिजर्व
बैंक ऑफ़ इंडिया ने अपने अधीन जो संस्थाएं या व्यक्ति आते हैं,
जैसे बैंक और फाइनेंसियल
इंस्टिट्यूट,
उनके द्वारा भुगतान और बिटकॉइन की खरीद-बिक्री
पर रोक लगा दी है। तो आपके
पास बिटकॉइन खरीदने का सिर्फ कैश का ऑप्शन बचता है। मतलब आप किसी को कैश में पैसे

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