सारे उद्द्योगपति,देश के तमाम बुद्धिजीवी लोग व् मनुवादियों की फ़ौज किसानो को किनारे करके भूमि छीनने के लिए टूट पड़ी।हर तरह के कुतर्कों का सहारा लेकर जायज ठहराने की हरसंभव कोशिश कर रहे है।अगर किसानो की जमीन पर तुम्हारी गिद्ध दृष्टि है तो याद रखो आज किसान कोई 16 वीं शताब्दी में नहीं जी रहा। हम भूमि का पुनर्वितरण करने को तैयार है।सब मिलकर बराबर बाँट लो।लेकिन उसी हिसाब से किसानो को सत्ता में भागीदारी दो।उसी हिसाब से उच्च पदों पर नियुक्तियां दो।उसी हिसाब से तुम लोग बंदूक लेकर सीमा पर हमारे साथ आ जाओ।तुम्हारे पास पड़ी सम्पदा का भी पुनर्वितरण कर दो।सीमा पर मरने वाले किसान,तुम जैसे गिद्धों के पेट की आग शांत करे किसान और तुम उन्ही पर अन्याय व् अत्याचार करने लग गए। पहले भी खूब अत्याचार झेले है,आज भी झेल रहे है,आगे भी झेल लेंगे।लेकिन याद रखना फिर देश की दुर्गति का ठीकरा किसानो पर फोड़ने की कोशिश मत करना।जैसे आपकी आदत है।शराब व् डिस्को पार्टी से निकलकर डिब्बा डिबेट में आकर महिला अत्याचारों का ठीकरा गरीबों पर फोड़ते हो।पश्चिम का अंधानुकरण तुम करो और उनके साइड इफेक्ट का पूरा दोष गरीब,पिछडो,किसानो की मानसिकता पर मढ़ देते हो। आप देश की जीडीपी में सर्विस सेक्टर का योगदान बढ़ाओ हमें कोई आपत्ति नहीं है।लेकिन खेती व् किसानो की बर्बादी की कीमत पर यह कारनामा करने की कोशिश मत करो।अमेरिका व् यूरोप की खुशहाली के नगमे अपने नागरिकों की कीमत पर मत गाओ।जिनको बाजार की जरुरत होती है,जिनको माल बेचना है वो खुद रास्ते ढूंढ ही लेता है।हमने पेप्सिको को कोई न्यौता नहीं भेजा था लेकिन आज हमे बर्बाद कर ही रही है।बर्बादी कैसे भी आ जायेगी,आप इतने उतावले क्यों हो रहे हो?आपका राष्ट्रवाद कहाँ गया?क्या राष्ट्रवाद की भी नई परिभाषा गढ़ ली है। अब भी वक्त है अपनी भूल सुधारने का।अब भी वक्त है कीड़े मकोड़ों की तरह तिल तिल कर मर रही भीड़ को इस देश का नागरिक समझने का।कुतर्कों से अपनी उच्चता सिद्ध करने की मानसिकता से बाहर आने का।याद रखना इतिहास कभी किसी को माफ़ नहीं करता।इतिहास उठाकर देखलो कभी किसी इतिहासकार ने किसानो को गलत ठहराने की कभी कोशिश नहीं की।पकने के बाद पेड़ के पत्ते भी जमीन पर ही गिरते है।जब आपके कुकर्मों का हिसाब होगा तो आप बहुत पछताओगे।मदर इंडिया की नायिका की तरह हर माँ इस जीवन से संघर्ष कर ही लेगी।एक सैनिक अपने देशप्रेम में अपने प्राण भी न्यौछावर कर देगा।हर धरतीपुत्र अपना कर्म-धर्म समझकर दाने आपको भी चुगा ही देगा।लेकिन इस देश के साथ,अन्नदाता के साथ,सीमा पर लड़ रहे दीवानो के साथ गद्दारी करके तुम कौनसे जहन्नुम में जाओगे?
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