एनडीटीवी इंडिया के मालिक के घर दो साल पहले छापे पड़े थे व उसके बाद ndtv का दुखड़ा जनता के सामने आया था! वो इस कदर सत्ता के खिलाफ रोये कि सत्ता विरोधी जनता भावुक होकर इनकी फैन बन गई थी। पक्ष भी अपना! विपक्ष भी अपना! सब ठीकठाक सेट है!कुछ चैनल पर्दे के सामने गुणगान करके हिसाब चुका रहे है तो कुछ चैनल पर्दे के पीछे से विरोध करके माल बना रहे है! चुनाव की घोषणा होते ही कांग्रेस कार्यकाल का गोबर पात्रा उर्फ गंजय उरूपम लौट आता है और चुनाव की घोषणा होते ही ndtv को पूरे तीन साल तक बॉयकॉट करने वाली पार्टी के नेता हितेश जैन आ जाता है! आज देश का गद्दार मीडिया भावी चुनाव परिणाम सुनाए जा रहा है और यही देश के साथ सबसे बड़ी गद्दारी है! प्राचीन काल से हर निरक्षर,अनभिज्ञ लोगों के बीच लाल कवर वाले तथाकथित तौलिये में बंधे अज्ञानता की नसबंदी के जो हथियार भविष्य की रूपरेखा बताकर मुंह पर लगाम लगाते थे उसी का डिजिटल स्वरूप भारतीय मीडिया है! भारतीय मीडिया की तरक्की देखिए चुनाव की घोषणा होने के तीन घंटे बाद पूरे देश की हर सीट का विश्लेषण करके 8बजे से परिणाम जारी करने शुरू हो गए!
भाषा तीखी करना चाहता हूँ मगर इंसान की भी अपनी गरिमा होती है!हर पहलू लोकतंत्र,मीडिया,संविधान का गुलाम नहीं होता है! पक्ष के मीडिया व विपक्ष के मीडिया के सर्वेक्षण को देखिए!3घंटे में सब कुछ तय!उसी तर्ज पर जैसे सेना,सरकार से पहले बालाकोट हमले में मरे आतंकियों की गिनती बता दी थी! यह मीडिया नहीं भाड़े के दलाल है!ये एंकर नहीं पूंजी लूटने के डिजिटल आतंकी/नक्सली/अलगाववादी है! टीवी बंद करके अपने आसपास का नजारा देखिये!किसान खुशहाल हो गए!मजदूरों ने फैक्ट्री खोलकर उद्योगपत्ति के रूप में रूपांतरण कर लिया है? नोटबंदी/धारा 370/राममंदिर/आतंकवाद/नक्सलवाद/जीएसटी पर जो सवाल है उन पर कुछ मत कहिए! बेचारे श्री रामजी के बाद पाकिस्तान को गोदी में बैठाकर खिलाने को आतुर तथाकथित भारत माता की लाचारी को समझिए! देश को बरगलाकर देव-असुर का जो खेल अज्ञानता के दौर में खेला गया था उसका परिवर्तित स्वरूप 21वीं सदी में पुनः अवतरित हो चुका है! पहले लाल कलर के तौलिये में देश की जनता का भविष्य इधर-उधर डोल रहा था अब चौथे स्तंभ के नाम पर तैयार डिब्बे-डिबेट के मंचों से बेचा जा रहा है! गाली दो या समर्थन मगर टीआरपी नाम के मुर्दे को कंधो पर उठाकर श्मशान घाट तक पहुंचाने वाले अपने ही भावुक रिश्तेदार है! अंतिम बात जब भारतीय मीडिया समझेगा तो विधवा विलाप करके अपनी मांग के लिए जार-जार रोयेगा और भारतीय जनता बेटे की मौत पर घुट-घुटकर रोती-बिलखती माता का स्वरूप लेकर भारत माता बनती जाएगी!हर दौर में भारत माता सिर्फ उपयोग की वस्तु रही है!
2तस्वीरों में सिमटा मेरा भारत👌
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