ये जिंदगी बहुत रुलाती है!

ये जिंदगी बहुत रुलाती है!
कभी अपनों से,
कभी अपनों के लिए ,
हार जाती है !!
ये जिंदगी बहुत रुलाती है!!

गम में भी रुलाती है,
खुशी में रुलाती है,
न जाने किस आजमाइश,
से गुजर जाती है!
ये जिंदगी बहुत रुलाती है!!

कभी अपनों की खुदगर्जी में,
कभी गैरो की मोहब्बत में,
कुर्बान हो जाती हैं!
ये जिंदगी बहुत रुलाती है!!

कभी हद से ज्यादा यकिन से ,
कभी झूठी उम्मीद से,
हर दफा मात खा जाती है!
ये जिंदगी बहुत रुलाती है!!

कभी बनावटी रिश्तों में,
कभी झूठी शान में,
जीती चली जाती है!
ये जिंदगी बहुत रुलाती है।

न जाने कौनसे सफर पर,
न जाने कौनसी डगर पर,
मर के भी नहीं मर पाती है!
ये जिंदगी बहुत रूलाती है!!

कभी खुशियों के सपने दिखाकर,
कभी आशाओं के दीप जलाकर,
वजह बेवजह तरसाती है !
ये जिंदगी बहुत रूलाती है !!
https://sunilmoga.blogspot.com/
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