आज दिल्ली का परिणाम आया।या यूँ कहूँ की कुछ लोगों के लिए खुमारी करने का मौका लाया तो कुछ की खुमारी उतारने का पैगाम लाया।पिछले नौ महीने के विकास की कोख से नई उम्मीदों व् वादों की पूर्ति के लिए एक नए शख्स का जन्म हुआ है।मोदी लहर,मोदी लहर चिल्लाने वालों को शायद इस लहर में घुटन होने लगी। लोकसभा का चुनाव सपनो का सौदा करके जीता गया।उम्मीदों व् आकांक्षाओं की जीत थी।अच्छे दिनों के भरोसे की जीत थी। पिछले दिनों भूमि अधिग्रहण पर अध्यादेश से भरोसा टूटने लग गया।कालेधन की हवा तो उसी दिन निकल गयी जिस दिन लोकसभा में हारे हुए को देश का वित् मंत्री बना दिया गया।जिनकी खुद की विश्वसनीयता शक के दायरे में हो उन पर भरोसा कैसे हो?स्वास्थ्य बजट में 20%की कटौती कर दी गयी।शिक्षा के बजट में तक़रीबन 13%की कटौती कर दी।तमाम तरह की सब्सिडी पर पूंजीवादी मानसिकता के मंत्रियों की कैंची चल गई।झुमला पकड़ा दिया कि हम रोजगार देकर मुफ्तखोरी में खाने की आदत समाप्त करेंगे।
रोजगार एक को भी नहीं मिला लेकिन वसूली पहले ही शुरू हो गयी।भारतीय रेल के हालात में कोई बदलाव नहीं लेकिन ज्यादा किराया वसूली शुरू हो गयी।कहने का मतलब है सारी सामाजिक कल्याणकारी योजनाएं दरकिनार की जाने लगी है जैसे अब कोई गरीब ही नहीं बचा है। क्या करे जनाब!हर कदम पर भरोसा टूटता गया।जनता आपसे दूर होती गयी।जनता सोच रही थी कि चाहे हमारे खाते में 15 लाख न आएं लेकिन कम से कम काले धन के कुबेरों को तिहाड़ जेल तो भेज ही देंगे।बहाने दर बहाने किये गए और अंत में सिर्फ चुनावी झुमला बता दिया!वाह रे भरोसा पार्टी के नुमाइंदों कैसी कब्र खोदी हमारे भरोसे की!कैसे हत्या कर दी हमारे सपनो की!एकदम पानी फेर दिया हमारी उम्मीदों पर।फिर बार बार क्यों उम्मीद करो हमारे वोट की।हम कोई नाग नागिन का जोड़ा नहीं है जो हर बांसुरी की धुन पर फनकार भरेंगे ही।हम व्यवस्था के सताए इंसान है।हम बार बार ठगे गए वोटर है जिनको चाँद की चांदनी दिखाने का वादा हर बार किया गया लेकिन पूर्णिमा की रात कभी आने नहीं दी। एक बार फिर से सोचलो यह किसी चमत्कारी नेता के करिश्मे की जीत नहीं है,यह भाजपा पर जनता के गुस्से की जीत है।कुछ तो मजबूरियां रही होगी दिल्ली की जनता की,कोई यूँ ही बेवफाई नहीं करता।आप कितने ही झुमले पढ़ लेना,आप कितने ही तर्कों के तीर चला लेना लेकिन यह स्पष्ट तौर पर मोदीजी की हार है।यह उस मोदी ब्रांड की हार है जो बाते किसान व् गरीब की करते है लेकिन काम सिर्फ उद्योगपतियों के होते है।यह उस मोदी नीति की हार है जो बात दिल को छूने वाली करते है लेकिन काम दिल को जख्म देने वाले। ज्यादा हवा में उड़ना भी मुनासिब नहीं होता जनाब।आपको दिशा बतानी जरुरी थी।दिल्ली को मात्र एक राज्य की हार मत मान लेना।जो देश का मूड है वो ही दिल्ली का मूड है।आपने ही कहा था।दिल से कहा था या यह भी चुनावी झुमला ही था।आप कुछ भी कह लीजिये लेकिन दिल्ली में देश के हर हिस्से के लोग निवास करते है।दिल्ली की 2 करोड़ की आबादी में 80 लाख लोग यू पी व् बिहार के है जहाँ निकट भविष्य में आप चुनाव जीतने का सपना देख रहे है।हम मानते है वहां पर केजरीवाल जैसा नया व् भरोसे लाइक नेता नहीं है लेकिन जनता के गुस्से का ऊंट किस करवट बैठेगा यह अंदाजा लगाना मुश्किल है। इतनी बड़ी जीत के बाद केजरीवाल को भी अहसास हो गया होगा कि अगर जनता से किये वादों का तेजी से क्रियान्वयन नहीं हुआ तो जनता उसके साथ भी यही सलूक करेगी।वादे आपने भी कम नहीं किये है जनाब!1लाख cctv कैमरे लगाएंगे।
दिल्ली का एक साल का कुल बजट 36 हजार करोड़ रूपए है।1 लाख कैमरे लगाने व् देखरेख का खर्च 1लाख 20 हजार करोड़ के करीब बैठेगा।मतलब तक़रीबन 3 साल के बजट का पैसा तो कैमरों पर ही खर्च हो जायेगा।बाकी मुफ़्त का पानी,आधी दर पर बिजली,पूरी दिल्ली में फ्री वाई फाई सुविधा कैसे दोगे?आपके वादों के पुरे होने का इंतजार हमे भी रहेगा।शायद आपने कुछ प्लान किया होगा।आपको पिछली बार बिजली की दर कम करने में ही पसीने छूट गए थे।शायद आपने सबक लिया होगा।आपने गरीब नारायण को सपने दिखाए है।कहते है गरीब व् असहाय की दुआ व् बददुआ कभी खाली नहीं जाती।आप हमेशा कहते रहे कि हमारे साथ भगवान् है।यह गरीब ही साक्षात् भगवान है जिनकी सेवा से अमूल्य पूण्य कमाया जा सकता है।इस गरीब नारायण ने आपको खूब आशीर्वाद दिया है।अब इनकी सेवा करके मोक्ष प्राप्त करने का मौका है आपके पास।कहते है ज्यादा पढ़ने से कोई समझदार नहीं हो जाता,समझदार वो होता है जो हाथ में आये अवसर को भुनाने में कामयाब होता है।
रोजगार एक को भी नहीं मिला लेकिन वसूली पहले ही शुरू हो गयी।भारतीय रेल के हालात में कोई बदलाव नहीं लेकिन ज्यादा किराया वसूली शुरू हो गयी।कहने का मतलब है सारी सामाजिक कल्याणकारी योजनाएं दरकिनार की जाने लगी है जैसे अब कोई गरीब ही नहीं बचा है। क्या करे जनाब!हर कदम पर भरोसा टूटता गया।जनता आपसे दूर होती गयी।जनता सोच रही थी कि चाहे हमारे खाते में 15 लाख न आएं लेकिन कम से कम काले धन के कुबेरों को तिहाड़ जेल तो भेज ही देंगे।बहाने दर बहाने किये गए और अंत में सिर्फ चुनावी झुमला बता दिया!वाह रे भरोसा पार्टी के नुमाइंदों कैसी कब्र खोदी हमारे भरोसे की!कैसे हत्या कर दी हमारे सपनो की!एकदम पानी फेर दिया हमारी उम्मीदों पर।फिर बार बार क्यों उम्मीद करो हमारे वोट की।हम कोई नाग नागिन का जोड़ा नहीं है जो हर बांसुरी की धुन पर फनकार भरेंगे ही।हम व्यवस्था के सताए इंसान है।हम बार बार ठगे गए वोटर है जिनको चाँद की चांदनी दिखाने का वादा हर बार किया गया लेकिन पूर्णिमा की रात कभी आने नहीं दी। एक बार फिर से सोचलो यह किसी चमत्कारी नेता के करिश्मे की जीत नहीं है,यह भाजपा पर जनता के गुस्से की जीत है।कुछ तो मजबूरियां रही होगी दिल्ली की जनता की,कोई यूँ ही बेवफाई नहीं करता।आप कितने ही झुमले पढ़ लेना,आप कितने ही तर्कों के तीर चला लेना लेकिन यह स्पष्ट तौर पर मोदीजी की हार है।यह उस मोदी ब्रांड की हार है जो बाते किसान व् गरीब की करते है लेकिन काम सिर्फ उद्योगपतियों के होते है।यह उस मोदी नीति की हार है जो बात दिल को छूने वाली करते है लेकिन काम दिल को जख्म देने वाले। ज्यादा हवा में उड़ना भी मुनासिब नहीं होता जनाब।आपको दिशा बतानी जरुरी थी।दिल्ली को मात्र एक राज्य की हार मत मान लेना।जो देश का मूड है वो ही दिल्ली का मूड है।आपने ही कहा था।दिल से कहा था या यह भी चुनावी झुमला ही था।आप कुछ भी कह लीजिये लेकिन दिल्ली में देश के हर हिस्से के लोग निवास करते है।दिल्ली की 2 करोड़ की आबादी में 80 लाख लोग यू पी व् बिहार के है जहाँ निकट भविष्य में आप चुनाव जीतने का सपना देख रहे है।हम मानते है वहां पर केजरीवाल जैसा नया व् भरोसे लाइक नेता नहीं है लेकिन जनता के गुस्से का ऊंट किस करवट बैठेगा यह अंदाजा लगाना मुश्किल है। इतनी बड़ी जीत के बाद केजरीवाल को भी अहसास हो गया होगा कि अगर जनता से किये वादों का तेजी से क्रियान्वयन नहीं हुआ तो जनता उसके साथ भी यही सलूक करेगी।वादे आपने भी कम नहीं किये है जनाब!1लाख cctv कैमरे लगाएंगे।
दिल्ली का एक साल का कुल बजट 36 हजार करोड़ रूपए है।1 लाख कैमरे लगाने व् देखरेख का खर्च 1लाख 20 हजार करोड़ के करीब बैठेगा।मतलब तक़रीबन 3 साल के बजट का पैसा तो कैमरों पर ही खर्च हो जायेगा।बाकी मुफ़्त का पानी,आधी दर पर बिजली,पूरी दिल्ली में फ्री वाई फाई सुविधा कैसे दोगे?आपके वादों के पुरे होने का इंतजार हमे भी रहेगा।शायद आपने कुछ प्लान किया होगा।आपको पिछली बार बिजली की दर कम करने में ही पसीने छूट गए थे।शायद आपने सबक लिया होगा।आपने गरीब नारायण को सपने दिखाए है।कहते है गरीब व् असहाय की दुआ व् बददुआ कभी खाली नहीं जाती।आप हमेशा कहते रहे कि हमारे साथ भगवान् है।यह गरीब ही साक्षात् भगवान है जिनकी सेवा से अमूल्य पूण्य कमाया जा सकता है।इस गरीब नारायण ने आपको खूब आशीर्वाद दिया है।अब इनकी सेवा करके मोक्ष प्राप्त करने का मौका है आपके पास।कहते है ज्यादा पढ़ने से कोई समझदार नहीं हो जाता,समझदार वो होता है जो हाथ में आये अवसर को भुनाने में कामयाब होता है।
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